लगातार बढ़ते प्रदूषण और जहरीली होती आबोहवा के कारण जब पूछे जाते हैं तो जवाब के तौर पर सड़कों पर चल रही वाहनों की संख्या को ही गिनाया जाता है कई उपाय करने के बाद भी वाहनों से निकलने वाले धुएं का कोई उपाय नजर नहीं आता ऐसे में हाइड्रोजन ईंधन में उम्मीद की किरण दिखाई देती है।
यह फ्यूल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही वाहनों के लिए भी बेहतर माना जाता है इतना ही नहीं इसके इस्तेमाल के बाद प्रदूषक तत्वों का पर्यावरण को दूषित करने का खतरा भी लगभग समाप्त हो जाता है यही वजह है कि हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के तौर पर देखा जा रहा है हालांकि हाइड्रोजन फ्यूल की पूरी तरह से इस्तेमाल में लाए जाने में अभी कई बाधाएं हैं इससे पार पाने की कोशिशें की जा रही हैं। बावजूद इसके हाइड्रोजन ईंधन की उपयोगिता को समझते हुए कई देशों ने बतौर पायलट प्रोजेक्ट की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा है जिसके कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
तो आज के इस लेख में बात होगी हाइड्रोजन ईंधन की विशेषता और इसके इस्तेमाल में होने वाली चुनौतियों की साथ ही जानेंगे हाइड्रोजन फ्यूल बनाए जाने वाले मैकेनिज्म को तो बनी रही हमारे इस लेख की अंतिम शब्द तक आपको अनंत शब्द देगा।
पेट्रोल और डीजल कारों से निकलने वाला धुआं सबसे ज्यादा प्रदूषण फैला रहा है जो न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचा रहा है यही वजह है कि दुनिया भर की कार कंपनियां कई सालों से पेट्रोल और डीजल के विकल्प के तौर पर नई नई ईंधन और कारों के निर्माण में जुटी हुई है इसके लिए कई वैकल्पिक तरीके भी इजात किए जा रहे हैं इसी कड़ी में टोयोटा समेत कई आने कार कंपनियां नई हाइड्रोजन कार लेकर आ रही हैं, इन कारों का कार्बन उत्सर्जन 0 है यानी यह कार्य ना के बराबर प्रदूषण उत्पन्न करते हैं जल्द ही इन कारों के बाजार में आने की संभावना है।
हाइड्रोजन फ्यूल को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जाने वाला सपना कह सकते हैं आप साकार होते दिख रहा है पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही इसका असर कार की बढ़ती हुई कीमतों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है लेकिन हाइड्रोजन को पूरी तरह से अपना जाने की राह में कई समस्याएं भी है तो ऐसी स्थिति में यह बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है जानना कि हाइड्रोजन गैस के फायदे क्या हैं और साथ में चुनौतियां क्या ?
हाइड्रोजन गैस के फायदे
लगातार बढ़ती जानलेवा प्रदूषण पर लगाम लगाने की कोशिशें विफल होने के बाद अब हाइड्रोजन फ्यूल की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है मकसद है कि हम और आप स्वच्छ आबोहवा में खुलकर सांस ले सके हमको मोह पर मास्क लगाकर सांस लेना ना पड़े प्रदूषण स्तर बढ़ने पर कई तरह के उपाय किए जाते रहे हैं, निर्माण कार्य बंद कर सड़कों निर्माण स्थलों और धूल वाली जगहों पर पानी का छिड़काव करने सहित बड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को निर्माण सामग्री मुहैया करवाने वाली रेडमी एक्स प्लांट हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर को भी प्रतिबंधित कर दिया जाता है लेकिन परिणाम लगभग वही रहता है ऐसे में हाइड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल से ढेर सारी उम्मीदें नजर आती है।
- प्रकृति में भारी मात्रा में उपलब्ध होना 70% जल का मुख्य घटक है
- हाइड्रोजन वाहनों के लिए सबसे अच्छा ईंधन है यह अच्छा होने के साथ ही काफी साफ ईंधन है
- पानी की तरह यह हवा में कोई प्रदूषक तत्व नहीं छोड़ता है इसके गुणवत्ता के साथ ही इसका प्रभाव कार की कीमतों पर पढ़ना तय माना जा रहा है
- मनाया जा रहा है कि हाइड्रोजन की कारें दूसरी कारों की तुलना में बाजार में सस्ती होग।
- हाइड्रोजन से चलने वाली ग्रीन हाउस गैसों कटौती करने के लिए भी एक बड़ी भूमिका निभाने का माध्यम बन सकती हैं।
हाइड्रोजन करो के इस्तेमाल के फायदे को देखते हुए दुनियाभर के अलग-अलग हिस्सों मैं इन कारों प्रयोग हो रहा ह।
हाइड्रोजन फ्यूल वाली कारों का इस्तेमाल फिलहाल 3 देशों अमेरिका के कैलिफोर्निया जापान और यूरोप के कुछ देशों में हो रहा है यहां भी इस फूल का प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है वर्ष 2017 तक अंत तक पूरी दुनिया में हाइड्रोजन कारों की संख्या 6575 थी इसमें से 53 फ़ीसदी करें अकेले कैलिफोर्निया और 38% हाइड्रोजन कारों के साथ जापान दूसरे और 9% हाइड्रोजन कारों के साथ यूरोप तीसरे स्थान पर।
विशेषज्ञों का मानना है वर्ष 2023 तक 11 ऑटोमोबाइल कंपनियां हाइड्रोजन कारों का उत्पादन करने लगेंगे
हालांकि हाइड्रोजन के जितने अधिक फायदे हैं वह हमारे वर्तमान स्थिति के लिए फायदेमंद है लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां भी है
हाइड्रोजन की चुनौतियां
- हाइड्रोजन को ऑक्सीजन से अलग करना
- इस काम के लिए अत्यधिक बिजली की आवश्यकता होती है
- इस समय भारत में जैव ईंधन का प्रयोग करके विद्युत उत्पन्न किया जाता है
- इससे यह माना जा सकता है कि जैव ईंधन से उत्पन्न बिजली का प्रयोग हाइड्रोजन को ऑक्सीजन से अलग करना एक विरोधाभास की स्थिति होगी
- बहुत महंगा होना इसकी सबसे बड़ी चुनौती
दुनिया ग्रीन फ्यूल यानी हरित ईंधन के इस्तेमाल की तरफ तेजी से बढ़ रही है प्रदूषण की समस्या का निदान कार्बन उत्सर्जन कारों के जरिए हो सकता है दुनिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक कारों के बाजार ने जोर पकड़ लिया
ग्रीन फ्यूल से चलने वाली कारों के प्रकार
प्रदूषण से जूझती दुनिया पेट्रोल के जलने से जो धुआ निकलता है व शहरों में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह है पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें भी दुनिया के लिए चुनौती बंद करो ब्रिगेड पेट्रोल डीजल पर निर्भरता को कम करने के लिए दुनिया भर की ऑटो कंपनियों ने कई शोध और अध्ययन kiye जिसका नतीजा हरित ईंधन ka ijat hai हालांकि इससे पहले दुनिया भर में सीएनजी पेट्रोल और डीजल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होने लगा भारत दुनिया के सबसे ज्यादा सीएनजी गाड़ियों वाली 5 देशों में शामिल है सीएनजी कुकिंग गैस की तरह लो कार्बन ईंधन है जिसका इस्तेमाल जर्मनी इटली एशिया और दक्षिण अमेरिका में काफी किया जा रहा है इसी तरह गाड़ियों में ईंधन के लिए एलपीजी और एलएनजी गैस का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर दुनिया भर में किया जा रहा है साफ़ ईंधन के रूप हाइड्रोजन कार की ओर देख रही है जिसे फ्यूचर कार के रूप में देखा जा रहा है
- इलेक्ट्रिक कार बैटरी में स्टोर ऊर्जा का इस्तेमाल करती है और इसे चार्ज करने के लिए जगह-जगह पोर्ट की आवश्यकता होती है वही हाइड्रोजन कार में सेल लगे होते हैं जोर जब बनाने के लिए रिएक्ट करते हैं इलेक्ट्रिक कार को रातभर चार्ज करने के लिए जगह-जगह पोर्ट की जरूरत पड़ती है वही
इलेक्ट्रिक कार को रातभर चार्ज करने की जरूरत पड़ती है वही हाइड्रोजन कार का फ्यूल इलेक्ट्रिक फ्यूज से सेल को
इलेक्ट्रिक कार में इंजन की जगह बैटरी काम करती है जिसकी वजह से यह इतना सफल नहीं हो पाया जबकि हाइड्रोजन कार में इंजन लगा होता है
जानकार मानते हैं कि हाइड्रोजन कार इलेक्ट्रिक कार की जगह ले सकता है क्योंकि आखिरकार दोनों बिजली से ही संचालित होगी
बाजार में पूरी तरह से हाइड्रोजन इलेक्ट्रिक कार आ जाएं और आम लोग आसानी सेका इस्तेमाल करें इसमें अभी वक्त लग सकता है इसलिए कुछ ऐसे तकनीक और ग्रीन फ्यूल भी इजात की जा चुके जो कार्बन उत्सर्जन में मददगार साबित हो सकते हैं
ग्रीन फ्यूल
Adblue diesel oxide इसमें नाइट्रोजन ऑक्साइड को bhaf और नाइट्रोजन में बदल देता है
Biodiesel बर्निग अक्षय ऊर्जा है जिसे रासायनिक प्रक्रिया से बनाया जाता है जो वनस्पति तेल और फैट्स को नॉन टॉक्सिक उर्जा में तब्दील कर देता है
पेट्रोल के विकल्प के तौर पर एथेनॉल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है 100 के सभी शुद्ध तनाव को यह एक बायोफ्यूल हैं जो गन्ने और मक्के के अवशेषों को प्रोसेस करके बनाया जाता है इसको स्थाई धन माना जाता है जो कम प्रदूषण करता है
स्टीम कार
गतिज ऊर्जा पेट्रोल डीजल की दो तिहाई उर्जा हीट बन के बर्बाद हो जाती है लेकिन थर्मोइलेक्ट्रिक तकनीक के जरिए हिट से उर्जा उत्पन्न की जा सकती है इस तकनीक पर कई कार बनाने वाली कंपनियां कार्य कर रहे हैं अगर थर्मो इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के जरिए ही से उर्जा उत्पन्न किया जाए तो ईंधन की खपत 5 फ़ीसदी तक कम किया जा सकता है
हवा से उर्जा बनाने के तरीके पर भी काम किया जा रहा है कंप्रेस्ड एयर से भी और जा जनरेट किया जा सकता है
नाइट्रोजन लिक्विड नाइट्रोजन को presaraij taink गर्म करने से हाई प्रेशर गैस बनता है इस इंजन को चलाया जा सकता है हालांकि बाकी रिलेटेड उर्जा संसाधनों के अपेक्षा इसकी क्षमता कम है
वक्त आ गया है पेट्रोल डीजल के विकल्पों का इस्तेमाल अधिक से अधिक किया जाए ताकि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन कारों के लिए भारत तैयार है क्योंकि प्रदूषण के खिलाफ आम लोगों के साथ-साथ सरकार भी अब तैयार हो चुकी है



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